Saturday, March 9, 2013

Sujit Tiwari - 3rd generation from Bihar in Film industries

सुजीत तिवारी - बिहार से सिनेमा जगत की तीसरी पीढ़ी एक ओर जहां भारतीय सिनेमा अपनी सौवीं सालगिरह मना रहा है , वहीँ दूसरी ओर भोजपुरी सिनेमा ने भी पचासवां वसंत पार कर लिया है . बात जब इन सिनेमा में बिहार के सन्दर्भ में की जाये तो पहला नाम जिस शख्स का आता है जो आज की पीढ़ी के लिए भले ही अनजान हो, लेकिन उनके कारनामो के बिना सिनेमाई चर्चा अधूरी होगी . उस शख्स का नाम है रामायण तिवारी , जीने बिहार के पहले कलाकार के तौर पर भी जाना जा सकता है . बिहार के पटना जिले के मनेर के रहने वाले स्वर्गीय रामायण तिवारी का सिनेमाई शौक उतना ही पुराना था जितना की जब उन्होंने सिनेमा के पोस्टरों को दिवार में लगा देखना . यह खुलासा करते हैं स्वर्गीय तिवारी के पोते सुजीत तिवारी जो आज भोजपुरी फिल्मो के चर्चित फिल्म निर्माता व फिल्म फ़ाइनेन्सर के रूप में जाने जाते हैं . बकौल सुजीत तिवारी - जब मैंने होश संभाला तब अपने परिवार के दो लोगो को सिनेमा से जुड़ा पाया , मेरे दादा जी स्वर्गीय रामायण तिवारी और मेरे पिताजी स्वर्गीय भूषण तिवारी . दोनों ही अभिनय के क्षेत्र में रमे थे . चूँकि उनका इलाका मनेर राजधानी पटना के पास ही था इसीलिए विकास की किरण वहाँ तक पहुच चुकी थी . आज की तरह उस समय भी वहाँ की दो चीज़ ख़ास थी - मनेर के लड्डू और तिवारी जी . सुजीत तिवारी पुरानी यादो में खो जाते हैं और बताते है स्वर्गीय रामायण तिवारी को ना सिर्फ सिनेमा से प्रेम था बल्कि अपने क्षेत्र और भाषा से भी खासा लगाव था . चूँकि वो बिहार के सर्वाधिक पुराने अभिनेताओं में से एक थे इसीलिए जब पहली भोजपुरी फिल्म बनने की सुगबुगाहट शुरू हुई तो वे पहली भोजपुरी फिल्म के निर्माण में अग्रीम पंक्ति में खड़े थे . उन्होंने ना सिर्फ पहली भोजपुरी फिल्म के निर्माता विश्वनाथ शाहाबादी का हौसला अफजाई किया बल्कि नजीर हुसैन के साथ कंधे से कन्धा मिला कर भोजपुरी फिल्म जगत के उदय में महती भूमिका निभाई . स्वर्गीय रामायण तिवारी ने लगभग सौ से भी अधिक फिल्मो में अभिनय किया जिनमे गुलामी, पतिता, मधुमती, राम लक्ष्मन, गीत गाता चल आदि प्रमुख है. यह उनके अपने क्षेत्र से लगाव ही था की उन्होंने मनेर में कई फिल्मो की शूटिंग भी करवाई . स्वर्गीय तिवारी के पुत्र यानि की सुजीत तिवारी के पिता जी को भी अभिनय विरासत में मिली थी . उन्होंने धार्मिक फिल्म महाभारत से अपने फ़िल्मी कैरियर की शुरुवात की जिसमे उन्होंने दुर्योधन की भूमिका निभाई . उसके बाद उन्होंने लगभग २०० फिल्मो में अभिनय किया जिनमे नील कमल, कुंवारा बाप , यादो की बरात, जंजीर, गंगा जमना सरस्वती, तहलका, लोहा, आदि प्रमुख है . अब बारी थी मनेर के तिवारी परिवार की तीसरी पीढ़ी यानि की सुजीत तिवारी की . सुजीत तिवारी को अभिनय से तो कोई लगाव नहीं थी पर फिल्म जगत से लगाव था . अपने व्यवसाय में लगे रहने के बावजूद उन्होंने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उतरने का फैसला किया . सवाल उठा की किस तरह की फिल्म का निर्माण किया जाये तो उन्होंने अपनी भाषा को प्राथमिकता दिया और पहली फिल्म यु पी बिहार मुंबई एक्सप्रेस का निर्माण किया . फिल्म जबरदस्त हिट रही . व्यवसाय में व्यस्तता के कारण और भोजपुरी फिल्मो से लगाव के कारण उन्होंने फिल्मो का निर्माण न कर फिल्मो को प्रस्तुत करने का फैसला किया . उन्होंने अपनी कंपनी सी पी आई मूवीज के बैनर तले पहली फिल्म प्रस्तुत की निर्माता आलोक कुमार की देवरा पे मनवा डोले जिसमे खेसारी लाल , स्मृती सिन्हा और अंजना सिंह मुख्य भूमिका में थे . इसके बाद उनके द्वारा प्रस्तुत की गयी रिलीज़ फिल्मे हैं ज्वालामंडी, एक बिहारी सौ पे भारी, और रखवाला .बतौर प्रस्तुतकर्ता सुजीत तिवारी की आने वाली फिल्मो में दूध का कर्ज, प्रतिज्ञा २, गुलाम, कर्जा माती के, चरणों की सौगंध आदि शामिल है . इसके अलावा अलोक कुमार की बहुचर्चित फिल्म गंगा जमना सरस्वती में भी उन्होंने सहयोगी की भूमिका निभाई है . यानि नहीं मराठी फिल्म मध्यमवर्ग में भी वो प्रस्तुतकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं . सुजीत तिवारी कहते हैं सिनेमा हमारा शौक नहीं, सपना नहीं एक जूनून है जो हमें विरासत में मिली है . मेरे दादा स्वर्गीय रामायण तिवारी ने आज की लहलहाती भोजपुरी फिल्म इंडसट्रीज़ की नीव में एक मजबूत पत्थर डाला था , मेरे पिताजी स्वर्गीय भूषण तिवारी भी अभिनय के माध्यम से मेरे दादा जी के पद चिन्हों पर चले और अब हमने भी एक सपना देखा है भोजपुरी इंडसट्रीज़ की खुशहाली का . अगर मैं सिर्फ फिल्म निर्माण से जुड़ता तो साल में बमुश्किल दो या तीन फिल्मे ही बना पाता, इसीलिए हमने फैसला किया अच्छी फिल्मो को प्रमोट करने का . इसी सोच को लेकर मैंने कदम आगे बढ़ाया और आज लगभग एक दर्ज़न से भी अधिक फिल्मो को सी पी आई मूवीज का साथ मिला है . हम यह नहीं चाहते की किसी भी अच्छी फिल्मो को सिनेमा घरो तक पहुचने में कोई अड़चन आये . udaybhagat@gmail.com