Saturday, June 30, 2012

किसी इमेज में बंधना नहीं चाहता - पवन सिंह

भोजपुरिया गायिकी के सिरमौर व भोजपूरी फिल्मो के सुपर स्टार पवन सिंह दो दर्ज़न से भी अधिक सफल फिल्मे देने के बाद अपनी नयी फिल्म ‘राखे ला शान भोजपुरिया ’ में एक नयी पारी की शुरुवात कर चुके हैं . इस फिल्म से उनके आगे संगीत निर्देशक का भी तमगा जुड़ने वाला है. उनकी नयी पारी और उनके फ़िल्मी सफ़र पर विस्तृत चर्चा हुई . प्रस्तुत है कुछ अंश - नयी पारी की शुरुआत ? यह मेरे करियर की नयी शुरुआत जरूर लग रही है मेरे चाहने वालो को लेकिन फिल्मों में आने से पहले मेरी पहचान गायक के तौर पर थी. जब मैं अलबम व फिल्मों के लिए गीत गाता था तब म्यूजिक पर ज्यादा ध्यान देता था क्योंकि एक अच्छा संगीत तभी बन सकता है जब इस से जुड़े सभी लोगो की इसमें भागीदारी हो. जब म्यूजिक मेरी पसंद का होता था तो दिल को बड़ा सुकून मिलता था. बस, दिल के सुकून के लिए मैं म्यूजिक डायरेक्टर बना हूं मुझे ख़ुशी है की इस फिल्म के निर्माता मनोज चौधरी और निर्देशक राजू जी ने मुझे मेरे पसंद का काम सौपा. ‘राखेला शान भोजपुरिया जवान’ में आपका किरदार? ‘राखेला शान भोजपुरिया जवान’ में मेरा कैरेक्टर काफी दिलचस्प है. जैसा कि इन दिनों बॉलीवुड में देखने को मिलता है कि एक्टर अपनी बॉडी की ज्यादा नुमाइंदगी करते हैं, ठीक वैसा ही कैरेक्टर ‘राखेला शान भोजपुरिया जवान’ में मेरा है. सबको पता है की सन्नी देओल मेरे आदर्श रहे हैं. बचपन से ही उनकी फिल्मो का शौक़ीन रहा हूँ, उनकी हर फिल्मो को कई कई बार देखा है मैंने. मेरी चाहत उनकी ही तरह अपनी बॉडी बनाने की रही है. अब जाकर मुझे यह मौका मिल रहा है. मिथिला टाकिज जो इस फिल्म का निर्माण कर रही है , के साथ मेरी यह तीसरी फिल्म है . पहली फिल्म थी गुंडईराज और दूसरी डकैत है जो जल्द ही रिलीज़ हो रही है. फिल्म ‘डकैत’ में मैं पहली बार डकैत की भूमिका निभा रहा हूं. यह कैरेक्टर काफी चैलेंजिंग हैं. सबसे दिलचस्प बात तो यह है की फिल्म में अनेक ऐसे स्टंट किये हैं मैंने जिन्हें देखकर दर्शक दांतों तले उंगलियाँ दबाने पर मजबूर हो जायेंगे. डकैत के कैरेक्टर निगेटिव होता है , कैसा अनुभव रहा ? मुझे इस कैरेक्टर में कोई बुराई नजर नहीं आयी. हर इंसान में कई गुण और अवगुण होते हैं. किसी की नजर में वो अच्छा होता है तो किसी की नज़र में बुरा . यह डकैत अन्य डकैतों की तरह नहीं है. वह गरीबों की भलाई करता है तो भ्रष्टाचारियों को लूटता है. यह सच है की रोमांटिक कैरेक्टर में मेरे दर्शक मुझे ज्यादा पसंद करते हैं. लेकिन मैं किसी एक कैरेक्टर में खुद को कैद नहीं कर देना चाहता. सच कहूं तो इस कैरेक्टर में काफी मजा आया है। आपका नया लुक ? अच्छा लग रहा है. मैं दर्शकों की कसौटी पर इस इमेज में भी खरा जरूर उतरूंगा. मैं बता दूं कि रोमांटिक कैरेक्टर के अलावा भी मैं कई कैरेक्टर कर चुका हूं जिसे दर्शकों ने सराहा है. कलाकार वही होता है जो किसी इमेज में कैद नहीं होता . इसीलिए मैंने हर तरह के रोल किये हैं और समय समय पर अपना लुक भी बदला है फिल्म से उम्मीदें ? मुझे उम्मीद है, दर्शक जितना प्यार पहले वाले पवन सिंह से करते हैं वही प्यार इस डकैत पवन सिंह को भी देंगे। फिल्म में मेरा कैरेक्टर पॉजिटिव है इसलिए ऑडियंस का सपोर्ट अवश्य मिलेगा. आपकी गिनती स्टार कलाकारों में होती है कैसा लगता है सुनकर ? सच कहूं तो जब कोई मुझे स्टार कहता है तो काफी डर लगता है। ‘स्टार’ शब्द में ‘अहम’ छुपा होता है जिसे मैं स्वीकार नहीं कर सकता. मैं कलाकार हूं और एक कलाकार सिर्फ और सिर्फ दर्शको के प्यार का भूखा होता है. बचपन से ही खुद के लिए ताली सुनते आया हूँ लेकिन यह ऐसी भूख है जो कभी मिटती नहीं है . दर्शको के दिलो में मेरे लिए प्यार बना रहे यही मेरी दिली तमन्ना है और इसके लिए मैं तन मन से जुडा हूँ . काम मेरी पूजा है जिसे मैं पूरी ईमानदारी से कर रहा हूं। आपकी प्राथमिकता क्या होगी ? यह सच हर कोई जानता है कि मैं नायक से पहले गायक था. अगर मेरी गायिकी नहीं होती तो शायद आज मैं इस मुकाम पर नहीं होता. एक्टिंग के साथ-साथ आज भी मैं फिल्मों व अलबमों में अपना स्वर देता हूं और रही प्राथमिकता देने की बात, तो मेरे लिए पहली प्राथमिकता संगीत ही है क्योंकि वहाँ मेरी आत्मा बसती है उसके बाद ही अभिनय . आने वाली फिल्मे ? मेरी आने वाली फिल्मो की संख्या एक दर्ज़न से ऊपर है. सौगंध गंगा मैया की रिलीज़ हुई है जिसे बहुत अच्छी सफलता मिली है . इसके बाद डकैत, रंगबाज़ राजा, डोली चढ़ के दुल्हन ससुराल चली, लावारिस , आंधी तूफ़ान आदि कुछ प्रमुख फिल्मे हैं और सबमे मेरा किरदार अलग अलग है. हर कलाकार की तरह मुझे भी अपनी सारी फिल्मो से काफी उम्मीदें है.