Wednesday, July 16, 2014

जब प्यार किया... हुई हिट राकेश का सितारा बुलंदी पर


राकेश मिश्रा भोजपुरी की नयी पीढ़ी का सबसे चहेता नाम बन गया है। पहली फिल्म ‘‘प्रेम दीवानी’’ में ही दर्शकों को दीवाना बना देनेवाले स्मार्ट एक्टर ने दूसरी फिल्म ‘‘जब प्यार किया तो डरना क्या’’ के आते-आते स्टारडम की सीढ़ी पर छलाँग लगा दी है। राकेश मिश्रा की बहुविध अभिनय प्रतिभा को देखकर दर्शक ही नहीं भोजपुरी सिने उद्योग के लोगों ने भी अगले स्टार की बात शुरू कर दी है। अगर यह बात यूँ ही चलती जाती है तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं क्योंकि राकेश एक्शन हो कि रोमांस- दोनों ही क्षेत्र में ख़ूब जँच रहे हैं। और अभिनय की यही तो दो मूल बातें हैं गत् वर्ष जिस तरह ‘‘प्रेम दीवानी’’ ने सफलता का झंडा लहराया था, इस वर्ष, इसी माह, ‘‘जब प्यार किया तो डरना क्या’’ ने बिहार में तो डंका बजा दिया है। विशेष बात के लिये राकेश मिश्रा से बातचीत की,  प्रस्तुत है वार्तालाप के सम्पादित अंशः-  

आपकी दूसरी फिल्म  (जब प्यार किया तो डरना क्या?’’ की भी अच्छी रिपोर्ट आ रही है। सही आंकलन, आप स्वयं बतायें?
फिल्म बहुत अच्छी जा रही है। यह हिट नहीं, सुपर हिट हो गई है। पहली छमाही में तो इसकी बराबरी नहीं कर सका।
दो फिल्में रिलीज हुईं और दोनों हिट गयीं। आपको लगता है, आप ही अगले भोजपुरिया स्टार हैं?
मेरे लगने से कुछ नहीं होगा! यह जब दर्शकों को लगेगा, तब मैं स्टार कहलाऊँगा। वैसे मैं स्टार-सुपर स्टार के लिये मरा नहीं जा रहा, वह तो एक विशेष क्षण, विशेष फिल्म का कमाल होता है जो जादू कर जाता है और दर्शकों के सर चढ़कर बोलता है। स्टार बना नहीं जाता, लोग बना देते हैं। हाँ, परिश्रम से अपने अभिनय में, गायन में सुधार किया जा सकता है और मैं प्रयासरत हूँ।
कैसे नयी बात, नया तरीका सीखते हैं?
मैं हर पल अपने सीनियर्स, अपने सहयोगी कलाकार और तकनीशियंस से सीखता रहता हूँ। अभिनय, अपने में आत्मविश्वास पैदा करने से आता है। मैं अपने को एक वर्सटाइल एक्टर बनाने के लिये गंभीरता से लगा हुआ है।
और आपके सिंगर का क्या हुआ?
सिंगर तो मैं था, हूँ और रहूँगा ही।
भोजपुरी फिल्मों का यही ट्रेड है कि जो लोक गायक होगा, वह स्टार आसानी से बन जायेगा। फिर आपने और पहले प्रयास क्यों नहीं किया?
मैं स्पष्ट करना चाहूँगा कि जो लोक गायक हैं, वह आसानी से भोजपुरी स्टार बन जायेगा, यह भ्रम है। हक़ीक़त कुछ और है। आप स्टार न सिर्फ गाने से बनेंगे, न ही अपने प्रयास से। जनता (दर्शक) के  सिर पर जब आपके सिंगर का जादू चल जायेगा और इंडस्ट्री का कोई मेकर आपको बुलायेगा तभी आप एक्टर या स्टार बनेंगे। अपने से, अपने पैसों से और इधर-उधर करके दर्जनों लोक गायक आये और कहाँ गए, किसी को नहीं पता। हाँ, जिन्हें इस लायक समझाा गया उन्हें हीरो बनाया गया, वह स्टार बने, एक्टर बने। मनोज जी, दिनेश जी, पवन जी, खेसारी जी- सभी को फिल्मों में लाया गया, उनके लिये फिल्में बनीं, तब वह स्टार बने। स्टारडम की जो ज़मीन होती है, वह ये सारे लोग बनाकर आये थे, उनके नाम पर सीटियाँ पहले से बजती थीं।
आप भी तो इसी तरीके से आये! लाये गये? आपके नाम पर भी सीटियाँ खूब बजती हैं?
ये सब लोगों का प्यार है। हाँ, मैं भाग्यशाली हूँ कि मेरे ऊ पर भी किसी ने जुआ खेला। मैं अपने पहले निर्देशक दिनेश यादव जी का कृतज्ञ हूँ कि उन्होंने मुझे इस रेस का घोड़ा समझा और आप लोगों की दुआ से  रेस जीता भी।
कितने एलबम आये होंगे?
लगभग छः दर्जन। अभी सावन के महीने में ‘‘जय जय शिव शंकर’’ मेरा लेटेस्ट हिट एलबम है। सन 2012 में मेरा सुपर बंपर हिट एलबम आया था- ‘‘अइबऽ कि ना?’’
आगे की फिल्मों के बारे में बतायें?
रमाकांत जी की ‘‘जब प्यार किया तो डरना क्या’’ भी बिहार के बाद शेष सेंटर पर रिलीज होनी है। पहली फिल्म ‘‘प्रेम दीवानी’’ वाले दिनेश यादव की अगली फिल्म है ‘‘दीवानगी हद से’’। इसमें मोनालीसा और प्रियंका पडित मेरी हीरोइनें हैं। शादजी के निर्देशन में बनी ‘‘एक लैला तीन छैला’’ में रानी चटर्जी मेरी लैला हैं। काजल  राघवानी के साथ मेरी जोड़ी आप ‘‘प्यार किया.............’’ में देख ही रहे होंगे। बरसात बाद मेरी दोनों फिल्में आ जायेंगी।