Monday, November 19, 2012

Chhath Puja and Mumbai मुंबई और छठ पुजा

मुंबई और छठ पुजा
बिहार वासियों के आस्था का महापर्व छठ आज है, आज अस्ताचल सूर्य को अर्ध्य देकर पहले दिन की पुजा का समापन होगा . वैसे तो छत पूजा की शुरुवात शनिवार को नहाय खाय के साथ ही शुरू हो चुकी है और रविवार को खरना भी, पर सूर्योपासना के इस त्योहार की छटा अस्ताचल सूर्य को अर्ध्य देकर देखते बनती है। बिहार में तो इन दिनों आस्था का महाकुम्भ नज़र आता है लेकिन बिहार के लोग जहां जहां बसे हैं वहाँ भी छठ पूजा की धूम रहती है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी लाखो की तादात में बिहार वासी बरसो से रहते हैं जाहिर है यहाँ भी इसकी शुरुवात बरसो पहले हो चुकी है , मुंबई का जुहू बीच, अक्शा बीच, पवई तालाव छठ पूजा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहाँ लाखो की संख्या में लोग सूर्योपासना के लिए आते हैं . 17 साल पहले भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ उत्तर भारतीयों खासकर बिहार के लोगो ने छठ पूजा उत्सव महासंघ की स्थापना की और जुहू बीच पर आने वाले श्रधालुओं को सुविधा उपलब्ध कराया। चूँकि यहाँ दूर दराज से लोग इस पूजा में शामिल होने आते हैं इसीलिए अधिकतर लोग समुद्र किनारे ही रात बीता कर सुबह उगते सूरज की पूजा अर्चना कर पूजा का समापन कर अपने घर जाते हैं। छठ पूजा उत्सव महासंघ ने उन लोगो के लिए कई सुविधा उपलब्ध कराई मसलन भंडारा , बैठने के लिए कुर्सी की व्यवस्था आदि . उस समय बिहार से मुंबई फिल्मो में किस्मत आजमाने आये युवा संजय निरुपम शिवसेना के मुखपत्र सामना के हिंदी संस्करण दोपहर का सामना के कार्यकारी सम्पादक हुआ करते थे और शिवसेना कोटे से राज्य सभा के सदस्य भी . शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे उनकी वाक्पटुता के कायल थे। चूँकि छठ पूजा उत्सव महासंघ पर भाजपा नेताओ की गहरी छाप थी और भाजपा की तुलना में शिवसेना खुद को अधिक हिंदूवादी समझती थी इसीलिए शिवसेना ने भी छठ पूजा धूमधाम से मनाने का फैसला किया . छठ पूजा उत्सव महासंघ की स्थापना के तीन साल बाद अचानक जुहू बीच की छठ पूजा ग्लेमर के रंग में रंग गयी . संजय निरुपम ने बिहार फ्रंट के बैनर तले बड़े पैमाने पर छठ पूजा के आयोजन किया गया। मंच पर लोक कलाकारों के साथ साथ गोविंदा , रवीना टंडन, भाग्य श्री , जैसे फ़िल्मी कलाकार भी नज़र आये। पूरा मुंबई , छठ पूजा का मंच और जुहू बीच शिवसेना के भगवा झंडे से पट गया। मिडिया ने भी इसे हाथो हाथ लिया .इस तरह बिहार फ्रंट ने छठ पूजा का स्वरुप ही बदल दिया . अब भाजपा शिवसेना की छठ पूजा हो तो भला कोंग्रेस कैसे पीछे रहती। सुनील दत्त के करीबी रहे कोंग्रेसी सुभाष पासी ने भी जुहू बीच पर छठ पूजा मनाने का फैसला लिया . इस तरह राज्य की तीन प्रमुख राजनितिक दलों द्वारा छठ पूजा की शुरुवात से इसके आयोजन में चार चाँद लग गया। फ़िल्मी हस्तियों के जमावड़े से सादगी के प्रतीक इस पूजा में ग्लेमर का रंग चढ़ गया। इन सबके बीच शहर के पवई इलाके में सादगी से मनाये जाने वाले छठ पूजा को भी राजनेताओ ने हथिया लिया यहाँ हर दल के पंडाल नज़र आने लगे . इधर संजय निरुपम द्वारा शिवसेना छोड़ने के बाद भी बिहार फ्रंट के छठ पूजा की चमक जुहू में कायम रही लेकिन वहाँ भगवे की जगह तिरंगा ने ले लिया है। हर साल जुहू बीच पर जन सैलाब उमड़ता है , इस बार शिवसेना सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे के निधन के कारण कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम तो नहीं होंगे पर छठ पूजा की मुंबई में भव्यता के पीछे उनकी पार्टी शिवसेना का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है